देशभर में दहशत फैलाने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस को गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर आरोप है कि उसने देशभर में 1000 से अधिक फर्जी बम धमकी मैसेज भेजकर सुरक्षा एजेंसियों को परेशान कर दिया था।
डिजिटल ट्रैकिंग से खुला राज
आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपा रहा था, लेकिन पुलिस की साइबर टीम ने उसे पकड़ लिया।
- डिजिटल फुटप्रिंट्स का लगातार विश्लेषण
- IP एड्रेस ट्रैकिंग के जरिए लोकेशन का पता
- टेक्निकल टीम की मदद से मैसूर में दबिश
“तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग ने आरोपी की पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।”
पुलिस ने आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं।
स्कूलों से हाईकोर्ट तक मचाई दहशत
आरोपी ने जिन जगहों को निशाना बनाया:
- 🏫 नामी स्कूल
- ⚖️ हाईकोर्ट
- 🏥 बड़े अस्पताल
- 🏢 सरकारी दफ्तर
हर बार धमकी मिलने के बाद:
- सुरक्षा एजेंसियों को सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा
- हजारों लोगों में डर का माहौल बना
- प्रशासनिक संसाधनों पर भारी दबाव पड़ा
क्या था मकसद?
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:
- क्या आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर था?
- क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है?
- क्या उसे किसी तरह की फंडिंग मिल रही थी?
“यह सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा था।”
पुलिस की बड़ी कामयाबी
इस गिरफ्तारी को दिल्ली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
- फर्जी धमकियों के नेटवर्क पर बड़ा वार
- भविष्य में ऐसे मामलों पर लग सकती है रोक
- देशभर की सुरक्षा एजेंसियों को मिली राहत
निष्कर्ष
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किस तरह देशभर में दहशत फैला सकता है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में और क्या बड़े खुलासे सामने आते हैं।
Major Highlights of the Day:
🚨A Hoax Bomb Threat Suspect Was Apprehended Following Multiple Threat Emails Sent Nationwide.
🚨Over 1,700 LPG Cylinders Were Seized in a Crackdown on Illegal Hoarding Across Delhi.
🚨A Drug Racket Worth ₹4.5 Crore Was Busted and Multiple… pic.twitter.com/BwV8ab4bTU
— Delhi Police (@DelhiPolice) March 30, 2026

