बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद अब विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर नई हलचल शुरू हो गई है। जून 2026 में कुल 11 सीटों पर चुनाव होना है, जिसमें 9 सीटें कार्यकाल समाप्त होने और 2 सीटें उपचुनाव की हैं।
इस चुनाव को लेकर NDA और महागठबंधन दोनों ही रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
सीटों का गणित: NDA आगे
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार:
- NDA के पास स्पष्ट बढ़त
- 11 में से 10 सीटें NDA के खाते में जाती दिख रही हैं
- भाजपा और जदयू के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय
👉 संभावित स्थिति:
- BJP: 4 सीट
- JDU: 4 सीट
- लोजपा (रामविलास): 1 सीट
- रालोमो: 1 सीट
“संख्या बल के कारण NDA काफी ‘कंफर्ट जोन’ में नजर आ रहा है।”
महागठबंधन क्यों बैकफुट पर?
विपक्षी खेमे की स्थिति:
- कुल विधायक: लगभग 41 (AIMIM और BSP सहित)
- एक सीट जीतने के लिए जरूरी: 25 वोट
👉 गणित:
- 1 सीट आसानी से जीत सकते हैं
- दूसरी सीट के लिए 9 अतिरिक्त वोट की जरूरत
👉 बड़ा सवाल:
क्या RJD अपनी सीट खुद रखेगी या सहयोगी दलों को देगी?
छोटे दलों की भूमिका अहम
इस चुनाव में छोटे दल “किंगमेकर” बन सकते हैं:
- AIMIM को समर्थन का इनाम मिल सकता है
- चिराग पासवान की पार्टी सीट की दावेदार
- उपेंद्र कुशवाहा भी समीकरण में
किन दिग्गजों का खत्म हो रहा कार्यकाल?
जून 2026 में कई बड़े नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिनमें शामिल हैं:
- RJD: सुनील कुमार सिंह, मोहम्मद फारुक
- JDU: गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा
- BJP: संजय मयूख
- कांग्रेस: समीर कुमार सिंह
👉 नए समीकरण में कई चेहरों का बदलना तय माना जा रहा है।
क्यों अहम है यह चुनाव?
यह चुनाव सिर्फ MLC सीटों का नहीं, बल्कि:
- आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी
- गठबंधन की मजबूती की परीक्षा
- राजनीतिक ताकत का ट्रायल
निष्कर्ष
बिहार MLC चुनाव 2026 में फिलहाल NDA मजबूत दिख रहा है, लेकिन राजनीति में आखिरी पल तक कुछ भी बदल सकता है।
👉 अब नजर इस बात पर रहेगी कि:
- क्या महागठबंधन कोई बड़ा राजनीतिक दांव खेलेगा?
- या NDA अपनी बढ़त को जीत में बदल पाएगा?

