बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल राजगीर रोपवे पर घूमने का प्लान बना रहे लोगों के लिए अहम खबर है। अगर आप इन दिनों राजगीर जाने की सोच रहे हैं, तो अपनी प्लानिंग में बदलाव करना जरूरी हो सकता है।
दरअसल, राजगीर का मशहूर रोपवे 8 अप्रैल से 20 अप्रैल तक पूरी तरह बंद रहेगा। यह फैसला अचानक नहीं बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
क्यों बंद किया गया रोपवे?
रोपवे को अस्थायी रूप से बंद करने के पीछे मुख्य वजह तकनीकी मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है।
“किसी भी संभावित हादसे से बचने और बेहतर सुविधा देने के लिए यह मेंटेनेंस जरूरी है।”
- सभी मशीनों और केबल्स की जांच की जाएगी
- सुरक्षा उपकरणों को अपग्रेड किया जाएगा
- भारी भीड़ को देखते हुए सिस्टम को मजबूत किया जाएगा
मलमास मेला और बढ़ती भीड़ का असर
राजगीर में जल्द ही प्रसिद्ध मलमास मेला लगने वाला है, जिसमें देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। रोपवे की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि यही रास्ता लोगों को विश्व शांति स्तूप तक पहुंचाता है।
अब कैसे पहुंचेंगे शांति स्तूप?
रोपवे बंद रहने के दौरान पर्यटकों के पास एक विकल्प अभी भी मौजूद है:
- पहाड़ी रास्ते से ट्रैकिंग करके विश्व शांति स्तूप तक पहुंच सकते हैं
- हालांकि इसमें अधिक समय और शारीरिक मेहनत लगेगी
पटना से राजगीर जाना हुआ आसान
पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने भी राहत दी है।
पटना-राजगीर एक्सप्रेस अब नियमित रूप से चलाई जा रही है:
- ट्रेन नंबर 13354
- सुबह 9:20 बजे पटना से रवाना
- दोपहर 12:45 बजे राजगीर पहुंचती है
- वापसी (13353)
- दोपहर 3:10 बजे राजगीर से प्रस्थान
- शाम 7:05 बजे पटना पहुंचती है
👉 यह ट्रेन कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकती है, जिससे यात्रियों को सीधी और आसान कनेक्टिविटी मिलती है।
पर्यटकों के लिए सलाह
अगर आप 8 से 20 अप्रैल के बीच राजगीर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो:
- रोपवे का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा
- ट्रैकिंग या अन्य जगहों की सैर प्लान करें
- 21 अप्रैल के बाद का प्लान ज्यादा बेहतर रहेगा

