Bihar Teacher Recruitment: सीएम सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की बैठक में लिया बड़ा फैसला

By
Saaf Baatein
“साफ़ बातें” एक निष्पक्ष और भरोसेमंद न्यूज़ मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको मिलती हैं हर खबर की सच्चाई बिना किसी मिलावट के।
3 Min Read
Bihar Teacher Recruitment One Lakh Vacancy Announcement Samrat Chaudhary
Bihar Teacher Recruitment One Lakh Vacancy Announcement Samrat Chaudhary (PC: Social Media Sites)

Bihar Teacher Recruitment: बिहार सरकार ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. Samrat Choudhary ने घोषणा की है कि अगले 5 वर्षों में बिहार में 1 लाख नए शिक्षकों की बहाली की जाएगी. इसके तहत हर साल करीब 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होगी.

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की.

हर साल जुलाई में निकलेगा शिक्षक भर्ती विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने तय किया है कि हर वर्ष जुलाई महीने में शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके.

सरकार का मानना है कि नियमित भर्ती प्रक्रिया से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी.

शिक्षा विभाग की हाई-लेवल बैठक में बड़ा फैसला

यह फैसला शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया. बैठक में राज्य के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए.

सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के हर बच्चे को अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले.

महिला शिक्षकों के ट्रांसफर पर खास ध्यान

बैठक में शिक्षकों के तबादले को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि महिला शिक्षकों का ट्रांसफर उनके गृह जिले या संभव हो तो उनके पंचायत के आसपास किया जाए.

इसके साथ ही पुरुष शिक्षकों के लिए भी गृह प्रखंड के आसपास पोस्टिंग की नीति तैयार करने को कहा गया है.

सरकार का कहना है कि इससे शिक्षकों को सुविधा होगी और वे बेहतर तरीके से पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगे.

जीविका समूहों के जरिए मिलेगी स्कूल ड्रेस

सरकार ने स्कूलों में बच्चों को मिलने वाली पोशाक को लेकर भी नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है.

अब छात्र-छात्राओं को स्कूल ड्रेस जीविका समूहों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी. इससे बच्चों को समय पर पोशाक मिल सकेगी और महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

सरकार का मानना है कि इस कदम से महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा.

Share This Article
Exit mobile version