CM Samrat Choudhary: Samrat Choudhary ने महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे नारी शक्ति का अपमान बताते हुए कहा कि देश की जनता इसका जवाब जरूर देगी. इस मुद्दे को लेकर एनडीए देशभर में अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है.
विपक्ष पर साधा निशाना
CM Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इन दलों का रवैया चौंकाने वाला था और महिला आरक्षण विधेयक के पारित नहीं होने पर खुशी जताना महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है.
LIVE Press Conference: विपक्ष ने नारी शक्ति का घोर अपमान किया है, इसकी कीमत राजद-कांग्रेस को चुकानी पड़ेगी…#NariShaktiVandan #MahilaVirodhiCongress #AntiWomenAlliance https://t.co/aVefdSUqRv
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 19, 2026
आम महिलाओं के लिए बंद किया रास्ता
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष की सोच परिवारवाद से प्रेरित है. उनके अनुसार, विपक्षी दल चाहते हैं कि केवल उनके परिवार की महिलाएं ही राजनीति में आगे बढ़ें, जबकि आम और गरीब परिवारों की महिलाओं के लिए रास्ते बंद कर दिए जाते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर यह विधेयक पास हो जाता तो बिहार जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में महिलाओं को विधानसभा और संसद में प्रतिनिधित्व मिलता. फिलहाल बिहार विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सीमित है, लेकिन यह कानून उस स्थिति को बदल सकता था.
पीएम मोदी और नीतीश कुमार का जिक्र
सम्राट चौधरी ने Narendra Modi और Nitish Kumar के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं.
उन्होंने बताया कि बिहार में पंचायत और नगर निकाय चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जिसके कारण बड़ी संख्या में महिलाएं राजनीति में सक्रिय हुई हैं और चुनाव जीतकर नेतृत्व कर रही हैं.
देशभर में चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा हमेशा से आरक्षण के पक्ष में रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य दलों का रुख स्पष्ट नहीं रहा. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी कई बार इन दलों ने आरक्षण के मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए.
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ हुए इस कथित अन्याय के खिलाफ एनडीए देशभर में अभियान चलाएगा. इस अभियान के जरिए जनता के बीच जाकर इस मुद्दे को उठाया जाएगा और विपक्ष से जवाब मांगा जाएगा.

