Gold Import Duty Hike: सोने-चांदी पर बड़ा झटका, टैक्स बढ़ने से ज्वेलरी के दाम चढ़ेंगे

By
Saaf Baatein
“साफ़ बातें” एक निष्पक्ष और भरोसेमंद न्यूज़ मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको मिलती हैं हर खबर की सच्चाई बिना किसी मिलावट के।
3 Min Read
Gold Import Duty Hike India Gold Price Impact 2026
Gold Import Duty Hike India Gold Price Impact 2026 (PC: Social Media Sites)

Gold Import Duty Hike: India सरकार ने सोने और चांदी के इंपोर्ट पर लगने वाले टैक्स में बड़ा इजाफा कर दिया है। अब गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दी गई है। इस फैसले का असर जल्द ही सर्राफा बाजार और ज्वेलरी की कीमतों पर दिखाई देगा।

सरकार ने क्यों बढ़ाया टैक्स?

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से सोना आयात करके पूरा करता है। इससे भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है और देश का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़ता है।

सरकार का मानना है कि सोने की खरीद कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी और रुपये को मजबूती मिलेगी। नए फैसले के तहत 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5% एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया गया है।

ज्वेलरी के दामों पर पड़ेगा सीधा असर

इंपोर्ट टैक्स बढ़ने के बाद घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें और महंगी हो सकती हैं। इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर माना जाता है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण ज्वेलरी की मांग में कमी आ सकती है।

क्या बढ़ सकती है सोने की तस्करी?

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स बढ़ने से गोल्ड स्मगलिंग फिर बढ़ सकती है।

साल 2024 में जब सरकार ने ड्यूटी घटाई थी, तब अवैध तस्करी में कमी आई थी। लेकिन अब 15% टैक्स लागू होने के बाद ग्रे मार्केट फिर सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार की अधिसूचना जारी

Ministry of Finance ने नई कस्टम ड्यूटी दरों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत गोल्ड और सिल्वर फाइंडिंग्स पर 5% और प्लेटिनम फाइंडिंग्स पर 5.4% ड्यूटी लागू होगी।

पीएम मोदी ने भी की थी अपील

हाल ही में Narendra Modi ने लोगों से अपील की थी कि वे कुछ समय तक सोना खरीदने से बचें और “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा दें।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि सोने की भारी खरीदारी से देश का पैसा विदेश जाता है, इसलिए स्थानीय उत्पादों को अपनाना देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर होगा।

Share This Article
Exit mobile version