NEET पेपर लीक में बड़ा खुलासा, परीक्षा से 10 दिन पहले मिल गया था प्रश्नपत्र

Rohit Mehta
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Rohit Mehta एक भारतीय ब्लॉगर, जर्नलिस्ट, ऑथर और एंटरप्रेन्योर हैं, जो डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन कंटेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं। वे Digital Gabbar...
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Neet Paper Leak Case Cbi Custody Coaching Founder Arrested
Neet Paper Leak Case Cbi Custody Coaching Founder Arrested (PC: Social Media Sites)

NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सीबीआई ने रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 9 दिनों की CBI हिरासत में भेज दिया। जांच एजेंसी ने कोर्ट से 10 दिन की रिमांड मांगी थी।

मोबाइल फोन से मिला लीक प्रश्नपत्र

सीबीआई ने रविवार को आरोपी के घर पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन से कथित तौर पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा का लीक प्रश्नपत्र बरामद हुआ।

जांच एजेंसी के मुताबिक मोटेगांवकर पेपर लीक और उसके प्रसार में शामिल संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य था।

सीबीआई अब जब्त मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी, ताकि डिलीट किए गए डेटा को भी रिकवर किया जा सके।

परीक्षा से 10 दिन पहले मिल गया था पेपर

सीबीआई ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपी को 23 अप्रैल को, यानी परीक्षा से करीब 10 दिन पहले ही प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध करा दिए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने लीक प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां हस्तलिखित नोट्स के जरिए कई लोगों तक पहुंचाईं। परीक्षा के बाद इन नोट्स को नष्ट कर दिया गया था।

अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इससे पहले सीबीआई ने रसायन विज्ञान के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की लेक्चरर मनीषा मंधारे को भी गिरफ्तार किया था।

जांच एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपी मनीषा वाघमारे नाम की महिला के संपर्क में थे, जो पहले से सीबीआई हिरासत में है।

कैसे चल रहा था पूरा नेटवर्क?

सीबीआई के मुताबिक, आरोपियों ने परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को “स्पेशल सेशन” के नाम पर बुलाया था। इन्हीं सत्रों के दौरान कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और पेपर लीक का दायरा किन राज्यों तक फैला हुआ था।

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