झारखंड के देवघर में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेला को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि श्रावणी मेला के दौरान VIP और VVIP श्रद्धालुओं के लिए आउट ऑफ टर्न दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी।
मंत्री ने कहा कि 31 जुलाई से शुरू होने वाला श्रावणी मेला झारखंड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। ऐसे में सभी विभाग समय सीमा के भीतर अपनी तैयारियां पूरी करें और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मेला अवधि में किसी भी विशेष व्यक्ति को आम श्रद्धालुओं से अलग प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। सभी श्रद्धालुओं को समान अवसर और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिले, इसके लिए प्रशासन को आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
इस बार श्रावणी मेला में आधुनिक तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। फेस रिकग्निशन सिस्टम, एआई आधारित इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, एआई चैटबॉट हेल्पलाइन और एआई ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं लागू की जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल पवेलियन और क्यूआर कोड आधारित फीडबैक सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।
सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वास्थ्य केंद्र, सूचना केंद्र, ट्रैफिक ओपी, मातृत्व केंद्र और पेयजल सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा टेंट सिटी, शौचालय, स्नानगृह और सफाई व्यवस्था को भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
गर्मी से राहत के लिए मेला क्षेत्र में मिस्ट कूलिंग सिस्टम और इंद्र वर्षा जैसी विशेष सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। वहीं ट्रैक्टर-ट्रॉली पर डबल डेकर बनाकर श्रद्धालुओं को लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
बैठक में देवघर-बासुकीनाथ फोरलेन सड़क परियोजना, पार्किंग व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार श्रावणी मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव मिल सके।

