रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र में शुक्रवार सुबह जंगली हाथियों ने कहर बरपा दिया। अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
कैसे हुआ हमला?
घटना की जानकारी के अनुसार:
- बंदा इलाके में ईंट भट्ठा पर काम कर रहे दो युवकों पर हाथियों के झुंड ने हमला किया
- मृतकों की पहचान:
- धीरज भुइयां (25 वर्ष)
- युगल भुइयां (25 वर्ष)
👉 दोनों को मौके पर ही कुचल दिया गया।
- वहीं मुरपा क्षेत्र में महुआ चुन रहे 70 वर्षीय श्याम देव साहू भी हाथियों की चपेट में आ गए
“हाथियों के अचानक हमले से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।”
महिला घायल, अस्पताल में भर्ती
- धोरधोरिया गांव में महुआ चुन रही 74 वर्षीय अदरी देवी पर भी हमला
- गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज जारी
मौके पर पहुंची टीम
घटना की सूचना मिलते ही:
- पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
- शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
- इलाके में निगरानी बढ़ाई गई
मुआवजा और सहायता
पीड़ित परिवारों को:
- वन विभाग की ओर से ₹25,000 तत्काल सहायता
- शेष ₹3.75 लाख प्रक्रिया के बाद दिया जाएगा
- ईंट भट्ठा संचालक ने ₹40,000 अतिरिक्त सहायता की घोषणा की
ग्रामीणों में डर का माहौल
- गांवों में दहशत फैल गई
- लोग जंगल के आसपास जाने से डर रहे
- सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग
क्यों बढ़ रहे ऐसे हमले?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- जंगलों का कम होना
- मानव और वन्यजीव टकराव बढ़ना
- भोजन की तलाश में गांवों की ओर आना
निष्कर्ष
रामगढ़ की यह घटना एक बार फिर इंसान और वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को दिखाती है।
👉 अब जरूरी है कि:
- वन विभाग सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करे
- और ग्रामीणों को समय रहते अलर्ट किया जाए

