Bhabanipur Seat Analysis 2026: इन सीटों में सबसे प्रमुख है भवानीपुर, जहां से Mamata Banerjee खुद चुनाव लड़ती हैं। यह सीट भाजपा के लिए अब तक जीत से दूर रही है।
भवानीपुर: ममता का सबसे मजबूत गढ़
दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट को Mamata Banerjee का राजनीतिक किला माना जाता है। 2021 के उपचुनाव में उन्होंने यहां 58,000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी।
यह सीट सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और संगठनात्मक रूप से भी टीएमसी के लिए बेहद मजबूत मानी जाती है।
क्यों BJP के लिए मुश्किल है यह सीट?
- डेमोग्राफिक फैक्टर: बंगाली के साथ गुजराती, पंजाबी और दक्षिण भारतीय समुदाय का संतुलन
- मजबूत बूथ मैनेजमेंट: TMC का जमीनी संगठन बेहद सक्रिय
- सरकारी योजनाओं का असर: ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं का सीधा फायदा
- लोकल कनेक्ट: ममता बनर्जी की मजबूत पकड़
भाजपा यहां अक्सर ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ नैरेटिव में फंस जाती है।
दक्षिण 24 परगना: TMC का क्लीन स्वीप गढ़
अगर जिले की बात करें, तो दक्षिण 24 परगना भाजपा के लिए सबसे कठिन क्षेत्र माना जाता है।
2021 चुनाव में All India Trinamool Congress ने यहां 31 में से 30 सीटें जीतकर दबदबा साबित किया था।
यहां अल्पसंख्यक वोट बैंक और मजबूत संगठन के चलते भाजपा की रणनीति ज्यादा असर नहीं दिखा पाती।
BJP के ‘मिशन 2026’ के नए दांव
- वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR): लाखों नाम कटने को भाजपा मौका मान रही
- मिडिल क्लास नाराजगी: शहरी मुद्दों पर फोकस
- डायरेक्ट चैलेंज: Suvendu Adhikari का ममता को सीधे चुनौती देने का संकेत
क्या बदल सकता है समीकरण?
विश्लेषकों के अनुसार, अभी भी दक्षिण कोलकाता और भवानीपुर में TMC का पलड़ा भारी है।
हालांकि, एंटी-इन्कंबेंसी और वोटर लिस्ट में बदलाव भाजपा के लिए कुछ उम्मीद जरूर पैदा करते हैं। इस बार भाजपा ‘हिंदुत्व’ के साथ ‘क्लीन गवर्नेंस’ और ‘भ्रष्टाचार’ के मुद्दे पर भी चुनाव लड़ने की तैयारी में है।
2026 में किसका ‘खेला’?
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा इन मजबूत किलों में सेंध लगा पाएगी या फिर Mamata Banerjee का ‘खेला’ एक बार फिर कामयाब होगा।
फिलहाल, भवानीपुर सीट TMC के लिए आज भी सबसे सुरक्षित मानी जा रही है।

