6th Gen फाइटर जेट प्रोग्राम में शामिल होगा भारत, लेकिन दो ग्रुप में फंसा, जानें इनकी खासियत और IAF की चुनौती

By
Saaf Baatein
“साफ़ बातें” एक निष्पक्ष और भरोसेमंद न्यूज़ मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको मिलती हैं हर खबर की सच्चाई बिना किसी मिलावट के।
2 Min Read
F 47 6th Generation Ngad Fighter 1024x576
F 47 6th Generation Ngad Fighter 1024x576 (PC: Social Media Sites)

India 6th Gen Fighter Jet Program: भारत अब यूरोप में विकसित हो रहे महत्वाकांक्षी ‘छठी पीढ़ी’ (सिक्स्थ जेनरेशन) के फाइटर जेट कार्यक्रमों में शामिल होने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. पहली बार आधिकारिक तौर पर यह बात सामने आई है कि भारतीय वायुसेना (IAF) अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के साथ-साथ किसी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की भी संभावनाएं तलाश रही है. यह जानकारी रक्षा मंत्रालय ने संसद की स्थायी रक्षा समिति को दी है.

संसदीय रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लड़ाकू विमानों की तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, इसलिए भारत को भी अपनी वायु शक्ति को आधुनिक बनाने की जरूरत है. समिति ने रक्षा मंत्रालय से साफ रोडमैप तैयार करने को कहा है, ताकि भविष्य के युद्धों में भारत की हवाई ताकत मजबूत बनी रहे.

रिपोर्ट में बताया गया है कि IAF यूरोप के दो बड़े कंसोर्टियम में से किसी एक के साथ जुड़ने पर विचार कर रही है. पहला है ग्लोबल कॉम्बैट एयर प्रोग्राम (GCAP), जिसमें यूनाइटेड किंगडम, इटली और जापान शामिल हैं. दूसरा है फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS), जिसे फ्रांस, जर्मनी और स्पेन मिलकर विकसित कर रहे हैं. भारतीय वायुसेना का उद्देश्य इनमें से किसी एक के साथ साझेदारी कर उन्नत फाइटर जेट तकनीक तक पहुंच बनाना है, ताकि वह वैश्विक दौड़ में पीछे न रह जाए.

चीन-पाकिस्तान का गठबंधन भारत की चिंता

भारत के इस कदम के पीछे एक बड़ी वजह चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत भी है. चीन पहले ही J-20 जैसे पांचवीं पीढ़ी के फाइटर तैनात कर चुका है और J-35 जैसे स्टेल्थ जेट विकसित कर रहा है. पाकिस्तान भी ऐसे करीब 40 जेट खरीदने की योजना बना रहा है. इसके अलावा, चीन J-36 और J-50 जैसे छठी पीढ़ी के प्लेटफॉर्म का परीक्षण कर चुका है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ रहा है. वहीं, अमेरिका अपने बोइंग F-47 पर काम कर रहा है. इसके साथ ही अमेरिका B-21 Raider बॉम्बर पर भी काम कर रहा है. 

Share This Article
Exit mobile version