देश में एलपीजी (LPG) संकट की आशंकाओं और बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए, केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने के लिए नई सख्त नीति लागू की है। इसके तहत, जिन इलाकों में पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है, वहां रहने वाले लोगों के लिए निश्चित समय के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा।
मुख्य बिंदु:
- कंपनियों की जिम्मेदारी: पेट्रोलियम मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार, कंपनियों को उपभोक्ताओं को तय समय-सीमा में पीएनजी कनेक्शन देना होगा। इसमें लापरवाही करने पर कार्रवाई की जा सकती है।
- उपभोक्ताओं के लिए नियम: यदि उपभोक्ता जानबूझकर पीएनजी कनेक्शन नहीं लेते हैं, तो उनकी एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति बंद की जा सकती है।
- नीति का उद्देश्य: घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से गैस पहुंचाना, एलपीजी पर निर्भरता कम करना और ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाना। पीएनजी को सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प माना गया है।
- समय सीमा: जिन घरों में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है, उन्हें तीन महीने के भीतर कनेक्शन लेना होगा। तकनीकी कारणों से कनेक्शन न होने पर छूट दी जाएगी।
- सूचना और सुविधा: करीब 60 लाख घरों को पहले ही चिन्हित किया गया है, जहां पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है। उपभोक्ताओं को उनके एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनियों द्वारा SMS, कॉल या वॉयस मैसेज के जरिए जानकारी दी जाएगी।
- सकारात्मक प्रभाव: इस कदम से एलपीजी की मांग में कमी आएगी, गैस आपूर्ति प्रणाली मजबूत और स्थिर होगी, और देश ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
सरकार ने उपभोक्ताओं के हितों और निवेशकों के भरोसे को ध्यान में रखते हुए नियम बनाए हैं, जिससे पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार तेज होगा और सेवाओं में सुधार होगा।

