कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास न होना लोकतंत्र की बड़ी जीत है।
यह बयान उस वक्त आया जब संसद में प्रस्तावित संशोधन बिल को जरूरी बहुमत नहीं मिल सका।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
Priyanka Gandhi ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा:
- “यह संविधान और लोकतंत्र की जीत है”
- “विपक्ष की एकता ने सरकार की साजिश को नाकाम किया”
- “देश की जनता अब सब समझती है, सिर्फ प्रचार से काम नहीं चलेगा”
👉 उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि:
- सरकार ने बिल को जिस तरीके से पेश किया, वह सही नहीं था
- विपक्ष को डराने की कोशिश की गई
- यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ था
👉 उन्होंने इसे सरकार के लिए “ब्लैक डे” तक बता दिया।
महिला आरक्षण पर क्या है कांग्रेस का रुख?
कांग्रेस का कहना है:
- पार्टी महिला आरक्षण के समर्थन में है
- लेकिन सरकार का तरीका गलत है
- 2023 में पास हुए कानून को तुरंत लागू किया जाए
👉 जरूरत पड़े तो उसमें बदलाव करके लागू करने की मांग की गई।
विवाद का असली मुद्दा क्या है?
यह मामला सिर्फ महिला आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि:
- डिलिमिटेशन (सीमांकन) का मुद्दा
- राज्यों के अधिकार
- केंद्र बनाम विपक्ष की राजनीति
👉 इन सब वजहों से बिल पर सहमति नहीं बन पाई।
निष्कर्ष
Priyanka Gandhi के बयान से साफ है कि
👉 विपक्ष इस घटनाक्रम को अपनी बड़ी राजनीतिक जीत के तौर पर पेश कर रहा है।
वहीं, सरकार और विपक्ष के बीच यह टकराव आने वाले समय में
👉 महिला आरक्षण और संविधान से जुड़े मुद्दों पर और तेज हो सकता है।

