Iran-US Tension: खामेनेई के सलाहकार की अमेरिका को चेतावनी, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ नहीं छोड़ेगा ईरान

Iran-US Tension: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei के सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaei ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है।

By
Saaf Baatein
“साफ़ बातें” एक निष्पक्ष और भरोसेमंद न्यूज़ मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहाँ आपको मिलती हैं हर खबर की सच्चाई बिना किसी मिलावट के।
3 Min Read
Iran Us Hormuz Conflict Khamenei Advisor Warning
Iran Us Hormuz Conflict Khamenei Advisor Warning (PC: Social Media Sites)

Iran-US Tension: उन्होंने साफ कहा कि जब तक ईरान के अधिकार सुरक्षित नहीं होते, तब तक वह Strait of Hormuz से पीछे नहीं हटेगा।

‘लंबी लड़ाई से नहीं डरता ईरान’

Mohsen Rezaei ने कहा:

  • अमेरिका लंबी लड़ाई से डरता है
  • ईरान हर परिस्थिति के लिए तैयार है
  • होर्मुज पर नियंत्रण अब रणनीतिक हथियार बन चुका है

👉 उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर ईरान की नौसेना कमजोर है, तो अमेरिकी जहाज इस रास्ते से गुजरने में हिचक क्यों रहे हैं?

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है:

  • वैश्विक तेल सप्लाई का करीब 20% यहीं से गुजरता है
  • खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए लाइफलाइन

👉 इसी वजह से यह इलाका अब संघर्ष का केंद्र बन गया है।

अमेरिका की सख्त नाकाबंदी

United States Central Command (CENTCOM) ने दावा किया है कि:

  • ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी गई है
  • 36 घंटे के अंदर समुद्री गतिविधियां रोक दी गईं
  • प्रमुख जलमार्गों पर अमेरिका का नियंत्रण है

चीन और रूस के साथ ईरान की रणनीति

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने:

  • अमेरिका की कार्रवाई को उकसाने वाला बताया
  • चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत की
  • संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रस्ताव का विरोध किया

👉 ईरान को इस मुद्दे पर चीन और रूस का समर्थन मिल रहा है।

पाकिस्तान कर रहा मध्यस्थता

तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान भी सक्रिय है।

  • सेना प्रमुख Asim Munir तेहरान में वार्ता करेंगे
  • बातचीत का नया दौर शुरू कराने की कोशिश

अमेरिका का रुख क्या है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि:

  • सीजफायर बढ़ाने के मूड में नहीं हैं
  • लेकिन समझौते की संभावना खुली रखी है

👉 अगले दौर की बातचीत में JD Vance और अन्य शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं।

निष्कर्ष

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो इसका असर पूरी दुनिया की तेल सप्लाई और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

Share This Article
Exit mobile version