डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इस युद्ध में जीत हासिल कर ली है और ईरान की नौसेना व वायुसेना को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया गया है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिकी विमान तेहरान और देश के अन्य हिस्सों के ऊपर लगातार उड़ान भर रहे हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म कर दिया है। उनके अनुसार, अगर यह हमला नहीं किया जाता तो कुछ ही हफ्तों में ईरान परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में आ जाता और उसका इस्तेमाल इजराइल समेत पूरे पश्चिम एशिया में कर सकता था।
उन्होंने दावा किया कि ईरान अब समझौते के लिए तैयार है और परमाणु हथियार न रखने पर सहमत हो चुका है। इस संभावित समझौते की बातचीत में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं।
ट्रंप ने ईरान में सत्ता परिवर्तन का भी संकेत दिया। उनका कहना है कि वहां के नेतृत्व में बड़े बदलाव हुए हैं और मौजूदा सत्ता पहले से अलग है, जिसे वे “सत्ता परिवर्तन” के रूप में देखते हैं।
इसके अलावा, पाकिस्तान ने भी इस मामले में मध्यस्थता की इच्छा जताई है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत में अहम भूमिका निभाने को तैयार है।

