भारत को ‘नरक’ कहना ट्रंप को पड़ा भारी, ईरान ने घेरा; कहा- कभी यहां आकर तो देखो!

Rohit Mehta
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Rohit Mehta एक भारतीय ब्लॉगर, जर्नलिस्ट, ऑथर और एंटरप्रेन्योर हैं, जो डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन कंटेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके हैं। वे Digital Gabbar...
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Trump Hellhole India Iran Reaction Birthright Citizenship Row
Trump Hellhole India Iran Reaction Birthright Citizenship Row (PC: Social Media Sites)

Iran Slams Trump: अमेरिका में ‘बर्थराइट सिटीजनशिप’ को लेकर शुरू हुई बहस अब कूटनीतिक विवाद का रूप ले चुकी है. Donald Trump द्वारा भारत को ‘नरक’ कहे जाने वाले बयान पर Iran ने कड़ा पलटवार किया है. ईरान ने तंज कसते हुए ट्रंप को महाराष्ट्र घूमने की सलाह दी, जबकि India ने भी इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना बताया.

Iran Slams Trump: दरअसल, ट्रंप ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें रेडियो होस्ट Michael Savage भारत और चीन को ‘Hell-hole’ बताते नजर आए. उन्होंने अमेरिका की जन्म से नागरिकता (Birthright Citizenship) नीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लोग भारत और चीन जैसे देशों से सिर्फ अपने बच्चों को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए वहां आते हैं. इस वीडियो को ट्रंप द्वारा शेयर करने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा हो गया.

ईरान ने ऐसे लिया मजाक में जवाब

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर कर ट्रंप पर तंज कसा. वीडियो में महाराष्ट्र की खूबसूरती, मुंबई की भागदौड़, गणेश चतुर्थी का उल्लास, सतारा के पठार और तापी नदी के शांत दृश्य दिखाए गए. ईरान ने कहा कि ट्रंप को ‘कल्चरल डिटॉक्स’ के लिए एक बार महाराष्ट्र जरूर आना चाहिए.

‘असली नरक वहां है जहां युद्ध अपराधी रहते हैं’

हैदराबाद में मौजूद ईरानी मिशन ने भी भारत और चीन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ये दोनों देश दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं के केंद्र हैं. ईरान ने ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि असली ‘नरक’ वह जगह है जहां का नेतृत्व दूसरे देशों की सभ्यता को खत्म करने की धमकी देता है. उन्होंने ट्रंप के पुराने बयानों की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘युद्ध अपराधी’ तक कहा.

भारत के विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब

Ministry of External Affairs ने ट्रंप की टिप्पणी को पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण बताया. मंत्रालय ने कहा कि यह बयान हकीकत से कोसों दूर है और भारत-अमेरिका के मजबूत रिश्तों के अनुरूप नहीं है. मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के संबंध आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित हैं, ऐसे में इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं.

अमेरिकी दूतावास ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने स्थिति संभालने की कोशिश की. दूतावास ने कहा कि ट्रंप भारत को एक ‘महान देश’ मानते हैं और भारत के प्रधानमंत्री के साथ उनके अच्छे संबंध हैं. यह बयान विवाद को शांत करने के उद्देश्य से जारी किया गया.

जन्म से नागरिकता पर छिड़ी बहस

पूरा मामला Birthright Citizenship को लेकर शुरू हुई बहस से जुड़ा है. माइकल सैवेज ने दावा किया था कि कई लोग अमेरिका सिर्फ अपने बच्चों की नागरिकता के लिए जाते हैं. उन्होंने इस कानून को जनता की राय (रेफरेंडम) से तय करने की बात कही थी. ट्रंप द्वारा इस बातचीत को समर्थन देने के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय विवाद में बदल गया.

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