जमशेदपुर: Tata Steel की 1500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ‘कांबी मिल’ (Combi Mill) का उद्घाटन मई महीने में किया जाएगा. इस आधुनिक यूनिट का लोकार्पण Hemant Soren करेंगे. हालांकि उद्घाटन की अंतिम तारीख मुख्यमंत्री कार्यालय से तय की जाएगी.
0.5 मिलियन टन क्षमता वाली आधुनिक यूनिट
यह कांबी मिल जमशेदपुर स्थित इंडियन स्टील एंड वायर प्रोडक्ट लिमिटेड (ISWP) परिसर में स्थापित की गई है. इसकी उत्पादन क्षमता 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) है. फिलहाल मिल का रैंप-अप चरण जारी है.
क्या है ‘कांबी मिल’ की खासियत?
कांबी मिल (Combination Mill) को खास इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह एक ही छत के नीचे दो तरह के उत्पाद तैयार कर सकती है:
- वायर रॉड्स (Wire Rods)
- मर्चेंट बार्स / रीबार (Rebars)
यह मिल बाजार की मांग के अनुसार तेजी से अपने प्रोडक्शन मोड को बदल सकती है, जिससे स्टॉक मैनेजमेंट आसान हो जाता है.
हाईटेक तकनीक और तेज उत्पादन
आधुनिक तकनीक से लैस इस मिल में वायर रॉड्स को बहुत तेज गति (100 मीटर प्रति सेकंड से अधिक) से रोल किया जा सकता है.
टाटा स्टील यहां उन्नत ‘क्वेंचिंग’ और ‘थर्मेक्स’ तकनीक का उपयोग कर रही है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता और मजबूती बढ़ती है.
कहां होगा इस्तेमाल?
कांबी मिल से बनने वाले उत्पाद इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं:
- वायर रॉड्स: ऑटोमोबाइल पार्ट्स, स्प्रिंग्स और तार बनाने में
- रीबार/सरिया: इमारत, पुल और बड़े प्रोजेक्ट्स के निर्माण में
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस प्रोजेक्ट से झारखंड में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. ‘मेक इन इंडिया’ के तहत यह यूनिट घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ निर्यात को भी बढ़ावा देगी.
इस तरह टाटा स्टील की यह नई कांबी मिल न सिर्फ तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अहम भूमिका निभाने वाली है.

