Bihar News: बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को और अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के पंचायत सरकार भवनों में बैंक, पोस्ट ऑफिस, आरटीपीएस केंद्र, पुस्तकालय और सुधा होल डे मिल्क पार्लर जैसी जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. पंचायती राज विभाग ने इसको लेकर सभी जिलों को निर्देश जारी कर दिए हैं.
पंचायत भवनों में मिलेंगी कई सुविधाएं
पंचायती राज विभाग का उद्देश्य ग्रामीण जनता को एक ही स्थान पर जरूरी सरकारी और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है. इसके तहत पंचायत सरकार भवनों में बैंकिंग सुविधा, डाक सेवा, RTPS केंद्र, पुस्तकालय और सुधा पार्लर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
इसके अलावा भवनों में लगाए गए बायोमेट्रिक सिस्टम, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और सोलर पैनल की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं.
विभागीय समीक्षा बैठक में लिया गया फैसला
यह निर्देश पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बुधवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में सभी जिलों के उप विकास आयुक्त (DDC), जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO) और जिला परिषदों के अधिकारी शामिल हुए.
सचिव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और सरकारी सेवाओं को लोगों तक सीधे पहुंचाना है.
9 जिलों में सोलर स्ट्रीट लाइट का काम पूरा
बैठक में सोलर स्ट्रीट लाइट योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों के मुताबिक राज्य की पंचायतों में अब तक 11 लाख 7 हजार 707 सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं.
सरकार ने बताया कि औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर, मधुबनी, किशनगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, लखीसराय और बक्सर समेत 9 जिलों में सोलर लाइट लगाने का काम पूरी तरह पूरा हो चुका है. बाकी जिलों में भी कार्य तेजी से जारी है.
जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
बैठक में भारत सरकार के CPGRAMS पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों के निपटारे की भी समीक्षा की गई. सचिव मनोज कुमार ने अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन कर शिकायतों का समय सीमा के भीतर समाधान करने का निर्देश दिया.
उन्होंने कहा कि विभागीय जन शिकायत कोषांग की ओर से जिलों को भेजी जाने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट जमा करनी होगी.
अन्य योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में 6वें राज्य वित्त आयोग और 15वें वित्त आयोग से चल रही योजनाओं, ग्रामीण स्वास्थ्य उप-केंद्रों के निर्माण कार्य, लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) और न्यायालयों में लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई.
इस दौरान पंचायती राज विभाग के निदेशक नवीन कुमार सिंह, अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

