Falta Assembly Repoll: दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होने जा रहा है. इससे पहले यहां 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया था. अब पुनर्मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनाव मैदान छोड़ने की घोषणा ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं.
TMC उम्मीदवार के हटने से बदला मुकाबला
फालता विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को कहा कि अब उनकी चुनाव में कोई रुचि नहीं रह गई है. उनके इस फैसले के बाद अब यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है.
हालांकि इस क्षेत्र में लंबे समय तक माकपा का प्रभाव भी रहा है, इसलिए राजनीतिक विश्लेषक वाम दलों को भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं.
अब पांच उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
जहांगीर खान के चुनाव मैदान से हटने के बाद अब फालता सीट पर पांच उम्मीदवार सक्रिय रूप से चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि नाम वापसी की अंतिम तिथि निकल चुकी है, इसलिए ईवीएम पर जहांगीर खान का नाम और पार्टी सिंबल दोनों दिखाई देंगे.
फालता सीट पर प्रमुख उम्मीदवार
- बीजेपी – देबांग्शु पांडा
- कांग्रेस – अब्दुर रज्जाक मोल्ला
- माकपा – शंभुनाथ कुर्मी
- दीप हाटी – निर्दलीय
- चंद्रकांत राय – निर्दलीय
TMC समर्थकों में असमंजस
जहांगीर खान के चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद तृणमूल समर्थकों के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है. अब उनके सामने या तो TMC उम्मीदवार को ही वोट देने का विकल्प है या फिर किसी दूसरे उम्मीदवार की ओर रुख करना होगा.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इलाके में एक खास समुदाय के मतदाता, जो आमतौर पर बीजेपी से दूरी बनाकर रखते हैं, अब कांग्रेस या वाम दलों की ओर झुक सकते हैं.
कांग्रेस ने TMC समर्थकों से मांगा समर्थन
जहांगीर खान के मैदान छोड़ने की घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने तृणमूल समर्थकों से कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने की अपील की. माना जा रहा है कि कांग्रेस इस मौके का फायदा उठाकर TMC के पारंपरिक वोट बैंक को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है.
फालता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और अब सभी दलों की नजर इस सीट के नतीजे पर टिकी हुई है.

