6 मई 2026 को पटना के होटल मौर्या में आयोजित 14th EPS Industry Connect – The Energy Exchange के तहत शाम 4:00 बजे से 4:40 बजे तक एक बेहद महत्वपूर्ण Special Industry Session आयोजित किया गया। इस सत्र का मुख्य विषय था
👉 “Sugar Industry + Bio Energy Integration (Ethanol, Cogeneration & Agri-Waste to Energy)”
यह सत्र बिहार में ऊर्जा और कृषि आधारित उद्योगों के भविष्य को लेकर एक अहम चर्चा मंच साबित हुआ।
सत्र का उद्देश्य
इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य था:
- शुगर इंडस्ट्री को बायो-एनर्जी के साथ जोड़ना
- एथेनॉल उत्पादन, कोजनरेशन और कृषि अवशेष से ऊर्जा उत्पादन के अवसरों को बढ़ावा देना
- राज्य में निवेश और नीति समर्थन के जरिए ग्रीन एनर्जी सेक्टर को मजबूत करना
मुख्य चर्चा के विषय (Session Topics)
इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई:
- एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) और राज्य में अवसर
- शुगर मिल्स में कोजनरेशन (Cogeneration)
- कृषि अवशेष से ऊर्जा उत्पादन (Agri-Residue to Energy Models)
- प्राइवेट निवेश के अवसर (Private Investment Opportunities)
- नीति और फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क (Policy & Financing Framework)
- बायो-CNG और ग्रामीण ऊर्जा एकीकरण (Bio-CNG & Rural Energy Integration)
इन सभी बिंदुओं ने यह स्पष्ट किया कि बिहार में कृषि और ऊर्जा सेक्टर मिलकर एक बड़ा आर्थिक परिवर्तन ला सकते हैं।
सत्र के प्रमुख वक्ता और नेतृत्व
🔹 मॉडरेटर (Moderator):
- रविशु गुप्ता, एडिटर, Industrial Outlook
🔹 कीनोट स्पीकर (Keynote Speaker):
- श्री अनिल कुमार झा (IAS), केन कमिश्नर, बिहार सरकार
🔹 अन्य प्रमुख वक्ता:
- अजीत कुमार, फाउंडर, Khushigram Foundation
- डॉ. राकेश कुमार सिंह, आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी
- जय शंकर बिहारी, चीफ रिपोर्टर, दैनिक जागरण
- डॉ. ऋषि राज, IIT पटना
- अजय कुमार सिंह, CMD, Singh Group of Companies & Bharat Plus Group
- कैलाश प्रसाद भवसिंका, IEI
- कुणाल किशोर, बिहार एथेनॉल एसोसिएशन
इन सभी विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और दृष्टिकोण से सत्र को बेहद प्रभावशाली बनाया।
बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सत्र?
बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां गन्ना उत्पादन बड़ी मात्रा में होता है। ऐसे में:
- शुगर मिल्स को ऊर्जा उत्पादन केंद्र में बदला जा सकता है
- किसानों की आय में वृद्धि होगी
- ग्रीन एनर्जी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
- राज्य को एथेनॉल हब बनने की दिशा में बढ़ावा मिलेगा
निष्कर्ष
यह Special Industry Session बिहार के लिए एक गेम-चेंजर चर्चा साबित हुआ।
इसमें यह स्पष्ट हुआ कि अगर शुगर इंडस्ट्री को बायो-एनर्जी के साथ सही तरीके से जोड़ा जाए, तो:
✔️ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा
✔️ प्रदूषण कम होगा
✔️ किसानों और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा
👉 कुल मिलाकर, यह सत्र बिहार को सस्टेनेबल और आत्मनिर्भर ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

